छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji



चाचाजी! मेरे लड़के को प्यार करना चाचा ने समझा कि भतीजे का दिल नर्म हो गया और वह फिर इस प्रकार डराने लगा। 500 मनुष्यों से उदयभानु का मुकाबला करना व्यर्थ है। उसके पास 1800 वीर हैं और ’चन्द्रावली’ नामक हाथी भी है जो बड़ा भयानक है। इस प्रकार उसके सम्मुख प्राण गंवाने से क्या फायदा है। तानाजी ने उत्तर दिया चाचाजी! ऐसे डरपोकपने से जीवन भर के किये गये सभी कार्याे पर कलंक-कालिमा लग जायेगी। क्षत्रिय के लिए यह धर्म नहीं कि समर में आकर पीछे लौट जाये। अब जो हो सो हो ही कर रहे।


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चाचाजी! मेरे लड़के को प्यार करना चाचा ने समझा कि भतीजे का दिल नर्म हो गया और वह फिर इस प्रकार डराने लगा। 500 मनुष्यों से उदयभानु का मुकाबला करना व्यर्थ है। उसके पास 1800 वीर हैं और ’चन्द्रावली’ नामक हाथी भी है जो बड़ा भयानक है। इस प्रकार उसके सम्मुख प्राण गंवाने से क्या फायदा है। तानाजी ने उत्तर दिया चाचाजी! ऐसे डरपोकपने से जीवन भर के किये गये सभी कार्याे पर कलंक-कालिमा लग जायेगी। क्षत्रिय के लिए यह धर्म नहीं कि समर में आकर पीछे लौट जाये। अब जो हो सो हो ही कर रहे।


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