तो बोला कि हाथी और उसके योद्वा महावत क¨ सामने खडा कर द¨ । जब हाथी सामने आया त¨ महावत जो पठान था बड़े अंहकार के साथ डपट कर बोला! कौन है जो इस प्रकार किले में घुस कर शोर मचाता है।
तानाजी-राजा शिवाजी का सेवक तानाजी सूबेदार! यह सुनकर इस पठान को अत्यन्त क्रोध आया और कहने लगा।
छत्रपति शिवाजी 103
पठान-’अरे जाट, चला जा, क्या तेरी बुद्वि पर पत्थर पड़े हैं। बाप और दादा जो काम आये हैं वही तेरा काम है। चला जा हाथ में खुरपा लो
तो बोला कि हाथी और उसके योद्वा महावत क¨ सामने खडा कर द¨ । जब हाथी सामने आया त¨ महावत जो पठान था बड़े अंहकार के साथ डपट कर बोला! कौन है जो इस प्रकार किले में घुस कर शोर मचाता है।
तानाजी-राजा शिवाजी का सेवक तानाजी सूबेदार! यह सुनकर इस पठान को अत्यन्त क्रोध आया और कहने लगा।
छत्रपति शिवाजी 103
पठान-’अरे जाट, चला जा, क्या तेरी बुद्वि पर पत्थर पड़े हैं। बाप और दादा जो काम आये हैं वही तेरा काम है। चला जा हाथ में खुरपा लो