छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

ले सका। अन्त में सेना के दो भाग कर दिये। एक ने दिलेरखां के आज्ञानुसार ’चाकन’ पर धावा किया और दूसरे ने ’इखलासखां’ की आज्ञा से ’सह्यरा’ को जा घेरा। शिवाजी ’ ’सह्यरा’ किले को अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे इसलिए ’प्रतापराव’ और ’पन्त’ दोनों को आज्ञा दी कि 2000 सेना लेकर लड़ाई करे और किले को बचावें क्योंकि शिवाजी को यह समाचार मिल गया था कि किले में साम्रगी कम है। किले के पास पठानों ने 2000 घोड़े काट डाले थे। प्रतापराव जब


338 of 401

ले सका। अन्त में सेना के दो भाग कर दिये। एक ने दिलेरखां के आज्ञानुसार ’चाकन’ पर धावा किया और दूसरे ने ’इखलासखां’ की आज्ञा से ’सह्यरा’ को जा घेरा। शिवाजी ’ ’सह्यरा’ किले को अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे इसलिए ’प्रतापराव’ और ’पन्त’ दोनों को आज्ञा दी कि 2000 सेना लेकर लड़ाई करे और किले को बचावें क्योंकि शिवाजी को यह समाचार मिल गया था कि किले में साम्रगी कम है। किले के पास पठानों ने 2000 घोड़े काट डाले थे। प्रतापराव जब


338 of 401