सेना लेकर आगे बढ़ा तो उसने देखा कि इखलास खां बड़े उत्साह और साहस से आक्रमण के लिए आ रहा है। प्रतापराव ठहर गया और जिस समय इखलास खां आगे बढ़ा तो प्रतापराव ने भागना आरम्भ कर दिया। मरहठों को भागता देख कर मुसलमान पीछा करने लगे और छिन्न भिन्न हो गये। बस फिर क्या था, प्रतापराव ने उलट कर पुनः चढ़ाई कर दी जिससे मुग़लों पर अत्यन्त तबाही की मार पड़ी। इस मार काट में मुग़लों के 22 अफसर मारे गये। हजारों मनुष्य कट कर मर गये। कई सरदार घायल
सेना लेकर आगे बढ़ा तो उसने देखा कि इखलास खां बड़े उत्साह और साहस से आक्रमण के लिए आ रहा है। प्रतापराव ठहर गया और जिस समय इखलास खां आगे बढ़ा तो प्रतापराव ने भागना आरम्भ कर दिया। मरहठों को भागता देख कर मुसलमान पीछा करने लगे और छिन्न भिन्न हो गये। बस फिर क्या था, प्रतापराव ने उलट कर पुनः चढ़ाई कर दी जिससे मुग़लों पर अत्यन्त तबाही की मार पड़ी। इस मार काट में मुग़लों के 22 अफसर मारे गये। हजारों मनुष्य कट कर मर गये। कई सरदार घायल