को जीती हुई बाजी हारनी पड़ी। फलस्वरूप अपना सा मंुह लेकर वह बीजापुर वापस चल दिया।
छत्रपति शिवाजी 109
शिवाजी को जब प्रतापराव की मृत्यु का समाचार मिला तो उन्हें अत्यन्त खेद हुआ। उसके बेटे को बहुत सी जागीर दी गई और उसकी बेटी से अपने बेटे के साथ विवाह करके राजवंश से सम्बन्ध कर दिया। मुशाहजी के काम से शिवाजी अत्यन्त प्रसन्न हुए और उसे ’हेमराव’ की पदवी देकर अपना सरदार बनाया। इस प्रकार भारत का प्रायः सम्पूर्ण दक्षिणी भाग अपने
को जीती हुई बाजी हारनी पड़ी। फलस्वरूप अपना सा मंुह लेकर वह बीजापुर वापस चल दिया।
छत्रपति शिवाजी 109
शिवाजी को जब प्रतापराव की मृत्यु का समाचार मिला तो उन्हें अत्यन्त खेद हुआ। उसके बेटे को बहुत सी जागीर दी गई और उसकी बेटी से अपने बेटे के साथ विवाह करके राजवंश से सम्बन्ध कर दिया। मुशाहजी के काम से शिवाजी अत्यन्त प्रसन्न हुए और उसे ’हेमराव’ की पदवी देकर अपना सरदार बनाया। इस प्रकार भारत का प्रायः सम्पूर्ण दक्षिणी भाग अपने