बीजापुर का बादशाह आदिलशाह मारा गया। उसका पुत्र अभी 5 वर्ष का था। सबने मिल कर खवासखां को को प्रबन्धकत्र्ता बनाया परन्तु कुछ काल पीछे अब्दुलकरीम ने जो बीजापुर राज्य का एक मान्य पुरूष था और जिसने लोगों से मिलकर खवासखां को मरवा डाला था, स्वयम् उसका कार्यभार अपने ऊपर ले लिया। यह महाशय ’दिलेर खां’ मुग़ल सेनाध्यक्ष के सम्बन्धी थे, इसीलिए मुग़ल राजा से बिगाड़ना नहीं चाहता था। खवासखां इसलिये मारा गया क्योंकि उसने मुग़लों की अधीनता
बीजापुर का बादशाह आदिलशाह मारा गया। उसका पुत्र अभी 5 वर्ष का था। सबने मिल कर खवासखां को को प्रबन्धकत्र्ता बनाया परन्तु कुछ काल पीछे अब्दुलकरीम ने जो बीजापुर राज्य का एक मान्य पुरूष था और जिसने लोगों से मिलकर खवासखां को मरवा डाला था, स्वयम् उसका कार्यभार अपने ऊपर ले लिया। यह महाशय ’दिलेर खां’ मुग़ल सेनाध्यक्ष के सम्बन्धी थे, इसीलिए मुग़ल राजा से बिगाड़ना नहीं चाहता था। खवासखां इसलिये मारा गया क्योंकि उसने मुग़लों की अधीनता