पास रहा और उसने मदनपन्त से सम्बन्ध पैदा कर लिया तत्पश्चात् शिवाजी के पास चला आया। उसका एक भाई जिसका नाम ’सोमन्त’ था शिवाजी के दरबार में एक प्रधान
112 छत्रपति शिवाजी
पद पर नियुक्त था। इसके अतिरिक्त शिवाजी को यह भी मालूम था कि उनके पिता ’शाहजी रघुनाथ नारायण का खूब सत्कार करते थे और वह उनके वंश के पुराने एंव विश्वासपात्र कर्मचारियों में से था। शिवाजी ने रघुनाथ नारायण का उचित सत्कार किया और उसे प्रधान की पदवी दी। इसी
पास रहा और उसने मदनपन्त से सम्बन्ध पैदा कर लिया तत्पश्चात् शिवाजी के पास चला आया। उसका एक भाई जिसका नाम ’सोमन्त’ था शिवाजी के दरबार में एक प्रधान
112 छत्रपति शिवाजी
पद पर नियुक्त था। इसके अतिरिक्त शिवाजी को यह भी मालूम था कि उनके पिता ’शाहजी रघुनाथ नारायण का खूब सत्कार करते थे और वह उनके वंश के पुराने एंव विश्वासपात्र कर्मचारियों में से था। शिवाजी ने रघुनाथ नारायण का उचित सत्कार किया और उसे प्रधान की पदवी दी। इसी