ने सब से पहले शिवाजी को कर्नाटक की ओर जाने की सम्मति दी। इस सम्मति से शिवाजी ने सब से पहले खानजहां को कुछ रूपया भेंट यिका और उससे प्रतिज्ञा कराई िकवह शिवाजी के राज्य में हस्तक्षेप नहीं करेगा। फिर उसने अपने राज्य का प्रबन्ध किया। चुने चुने कार्यकत्ताओं को अच्छे अच्छे स्थानों पर नियत करते सारा मण्डल मुरारपन्त के हवाले कर दिया। सन् 1671 ई. के आरम्भ में दक्षिण की ओर चल दिया।
जब हैदराबाद कुछ समीप आ गया तो ’मदनपन्त’ स्वयं
ने सब से पहले शिवाजी को कर्नाटक की ओर जाने की सम्मति दी। इस सम्मति से शिवाजी ने सब से पहले खानजहां को कुछ रूपया भेंट यिका और उससे प्रतिज्ञा कराई िकवह शिवाजी के राज्य में हस्तक्षेप नहीं करेगा। फिर उसने अपने राज्य का प्रबन्ध किया। चुने चुने कार्यकत्ताओं को अच्छे अच्छे स्थानों पर नियत करते सारा मण्डल मुरारपन्त के हवाले कर दिया। सन् 1671 ई. के आरम्भ में दक्षिण की ओर चल दिया।
जब हैदराबाद कुछ समीप आ गया तो ’मदनपन्त’ स्वयं