ने शिवाजी से रूपया ले लिया है और शिवाजी ने गोलकुण्डा से मेल कर लिया है तो उसने खानजहां को वापस बुला लिया ओर दिलेर खां को आज्ञा दी कि अब्दुलकरीम बीजापुर के साथ मिल कर गोलकुण्डा पर धावा करे।
इस युद्व में मदनपन्त ने खूब वीरता से मुकाबला किया जिसका फल यह हुआ कि बीजापुर की सेना पराजित हो गई। इस पराजय के पश्चात् अब्दुलकरीम बीमार पड़ गया और जनवरी 1670 ई. में मर गया। दिलेर खां ने मसऊदखां को
114 छत्रपति शिवाजी
उसके स्थान
ने शिवाजी से रूपया ले लिया है और शिवाजी ने गोलकुण्डा से मेल कर लिया है तो उसने खानजहां को वापस बुला लिया ओर दिलेर खां को आज्ञा दी कि अब्दुलकरीम बीजापुर के साथ मिल कर गोलकुण्डा पर धावा करे।
इस युद्व में मदनपन्त ने खूब वीरता से मुकाबला किया जिसका फल यह हुआ कि बीजापुर की सेना पराजित हो गई। इस पराजय के पश्चात् अब्दुलकरीम बीमार पड़ गया और जनवरी 1670 ई. में मर गया। दिलेर खां ने मसऊदखां को
114 छत्रपति शिवाजी
उसके स्थान