है परन्तु तुमने तो अभी से ही वैराग्य धारण कर लिया है। न मालूम अभी तुमने कौन से काम किये हैं जो अभी से ही शान्त हुए जाते हो। देखना है कि तुम अब क्या करके दिखाते हो?
यह शिक्षा शिवाजी ने अत्यन्त शुद्व भाव एवं सच्चे दिल से दी थी। एक बार इनके बेटे ’सम्भाजी’ ने एक ब्राह्यण की लड़की के ऊपर कुदृष्टि डाली। जब यह खबर शिवाजी को मिली तो तत्काल उसे कैद कर लिया, एस पर पहरा बिठा दिया गया। इसी नाराजगी के कारण ’सम्भाजी’ दिलेरखां से जा
है परन्तु तुमने तो अभी से ही वैराग्य धारण कर लिया है। न मालूम अभी तुमने कौन से काम किये हैं जो अभी से ही शान्त हुए जाते हो। देखना है कि तुम अब क्या करके दिखाते हो?
यह शिक्षा शिवाजी ने अत्यन्त शुद्व भाव एवं सच्चे दिल से दी थी। एक बार इनके बेटे ’सम्भाजी’ ने एक ब्राह्यण की लड़की के ऊपर कुदृष्टि डाली। जब यह खबर शिवाजी को मिली तो तत्काल उसे कैद कर लिया, एस पर पहरा बिठा दिया गया। इसी नाराजगी के कारण ’सम्भाजी’ दिलेरखां से जा