शिवाजी के राज्य से बहुत सा माल और धन लूट कर ले चला था। जब शिवाजी को खबर मिली तो तत्काल उसका पीछा किया और धन वापस लाकर मालिकों को दे दिया।
शिवाजी की सफलता उनकी वीरता पर निर्भर थी। वे ऐसे बुद्विमान थे मानो जादू के पुतले हों। जो मनुष्य एक बार उनके हाथ आया वह कभी भी रूष्ट होकर नहीं गया। शत्रु की सेना से उनकी तरफ अनेक बार हिन्दू व मुसलमान आ मिले परन्तु शिवाजी की सेना से सम्भाजी के अतिरिक्त और कोई शत्रु की सेना से नहीं मिला।
शिवाजी के राज्य से बहुत सा माल और धन लूट कर ले चला था। जब शिवाजी को खबर मिली तो तत्काल उसका पीछा किया और धन वापस लाकर मालिकों को दे दिया।
शिवाजी की सफलता उनकी वीरता पर निर्भर थी। वे ऐसे बुद्विमान थे मानो जादू के पुतले हों। जो मनुष्य एक बार उनके हाथ आया वह कभी भी रूष्ट होकर नहीं गया। शत्रु की सेना से उनकी तरफ अनेक बार हिन्दू व मुसलमान आ मिले परन्तु शिवाजी की सेना से सम्भाजी के अतिरिक्त और कोई शत्रु की सेना से नहीं मिला।