कर चुके हैं। पूर्व इसक कि शिवाजी के जीवन का संक्षिप्त इतिहास लिखना समाप्त करें, हम उचित समझते हैं कि उनके शासन का दिग्दर्शन करावें। जिससे यह मालूम हो जाय कि राज्य-प्रबन्ध में उनका मस्तिष्क और विचार-शक्ति किस कोटि की थी। शिवाजी केवल उच्च बुद्वि क वीर तथा सिपाही ही न थे वरन राजनीतिज्ञों और राजशासकों में भी अद्वितीय थे।
अध्याय 15
राज्य का प्रबन्ध
शिवाजी ने राज्य के प्रबन्ध के लिए एक राजसभा बना रक्खी थी जिसके आठ सभासद थे,
कर चुके हैं। पूर्व इसक कि शिवाजी के जीवन का संक्षिप्त इतिहास लिखना समाप्त करें, हम उचित समझते हैं कि उनके शासन का दिग्दर्शन करावें। जिससे यह मालूम हो जाय कि राज्य-प्रबन्ध में उनका मस्तिष्क और विचार-शक्ति किस कोटि की थी। शिवाजी केवल उच्च बुद्वि क वीर तथा सिपाही ही न थे वरन राजनीतिज्ञों और राजशासकों में भी अद्वितीय थे।
अध्याय 15
राज्य का प्रबन्ध
शिवाजी ने राज्य के प्रबन्ध के लिए एक राजसभा बना रक्खी थी जिसके आठ सभासद थे,