(4) सचवानपन्त एकाउण्टेण्ट- अर्थात् कोष निरीक्षक या मनसबे आला जो तीसरे नम्बर में बैठता था।
(5) मन्त्री - जो राजा का प्रायवेट सेक्रेटरी था।
(6) सामन्त- जो फोरन सेक्रेटरी का दर्जा था, सेनापति के नीचे बाई ओर बैठता था।
(7) पण्डितराव- जो राजा का मुख्य पण्डित था। शास्त्रों में उसकी व्यवस्था प्रामाणिक समझी जाती थी।
(8) न्यायाधीश- उससे बाईं ओर न्यायाधीश।
इसमें से कोई ओहदेदार सदा के लिए नियत नहीं था। शिवाजी का सम्पूर्ण
(4) सचवानपन्त एकाउण्टेण्ट- अर्थात् कोष निरीक्षक या मनसबे आला जो तीसरे नम्बर में बैठता था।
(5) मन्त्री - जो राजा का प्रायवेट सेक्रेटरी था।
(6) सामन्त- जो फोरन सेक्रेटरी का दर्जा था, सेनापति के नीचे बाई ओर बैठता था।
(7) पण्डितराव- जो राजा का मुख्य पण्डित था। शास्त्रों में उसकी व्यवस्था प्रामाणिक समझी जाती थी।
(8) न्यायाधीश- उससे बाईं ओर न्यायाधीश।
इसमें से कोई ओहदेदार सदा के लिए नियत नहीं था। शिवाजी का सम्पूर्ण