छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

इलाका दो प्रकार के हिस्सों में बंटा था। एक पहाड़ी, दूसरा मैदान का था। मैदान का इलाका भिन्न भिन्न प्रान्तों में बंटा हुआ था। शिवाजी के राज्य में एक और रीति थी वह यह कि जो इलाका बराहेरास्त या उसकी

छत्रपति शिवाजी 123

अमलदारी में था ’शिवाजिया’ कहलाता था। जो इलाका मुग़लों के अधीन था परन्तु उसकी आमदनी का चतुर्थाश दिया करता था वह मुग़लिया कहलाता था।

जहां सिर्फ चतुर्थाश से सम्बंध था वहां सिर्फ मालगुजारी का प्रबन्ध रखते थे


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इलाका दो प्रकार के हिस्सों में बंटा था। एक पहाड़ी, दूसरा मैदान का था। मैदान का इलाका भिन्न भिन्न प्रान्तों में बंटा हुआ था। शिवाजी के राज्य में एक और रीति थी वह यह कि जो इलाका बराहेरास्त या उसकी

छत्रपति शिवाजी 123

अमलदारी में था ’शिवाजिया’ कहलाता था। जो इलाका मुग़लों के अधीन था परन्तु उसकी आमदनी का चतुर्थाश दिया करता था वह मुग़लिया कहलाता था।

जहां सिर्फ चतुर्थाश से सम्बंध था वहां सिर्फ मालगुजारी का प्रबन्ध रखते थे


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