और बाकी प्रबन्ध से कुछ वास्ता न था। शिवाजी के पास 280 किले थे। प्रथम हम उनके किलों का इन्तजाम (प्रबन्ध) बतलायेंगे। हर एक किले के प्रधान अफसर का नाम हवलदार ािा। उसके नीचे किले की दीवार के हर एक हिस्से के नाम से असिस्टेण्ट थे। इसके सिवाय एक ब्राह्यण क्लर्क (लेखक) किले में रहता था।
जिला और सम्पत्ति सम्बन्धी प्रबन्ध एक ब्राह्यण के आधीन रहता था। सैनिक तथा रसद आदि का प्रबन्ध कमसरियट वाले कर्मचारियों के आधीन था। किले के चारों
और बाकी प्रबन्ध से कुछ वास्ता न था। शिवाजी के पास 280 किले थे। प्रथम हम उनके किलों का इन्तजाम (प्रबन्ध) बतलायेंगे। हर एक किले के प्रधान अफसर का नाम हवलदार ािा। उसके नीचे किले की दीवार के हर एक हिस्से के नाम से असिस्टेण्ट थे। इसके सिवाय एक ब्राह्यण क्लर्क (लेखक) किले में रहता था।
जिला और सम्पत्ति सम्बन्धी प्रबन्ध एक ब्राह्यण के आधीन रहता था। सैनिक तथा रसद आदि का प्रबन्ध कमसरियट वाले कर्मचारियों के आधीन था। किले के चारों