छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

ओर सफाई आदि के नियम नियन्त्रित थे और जंगली मेहकमों का प्रबन्ध भी उत्तम था।

मैदान का मण्डल- जैसा कि ऊपर कहा गया है कई एक प्रान्तों में विभक्त था। सामान्यतया प्रत्येक प्रान्त की आमदनी एक लाख-सवालाख के लगभग होती थी। प्रत्येक सूबेदार का वेतन 100 के लगभग होता था। कर-प्राप्ति आदि का प्रबन्ध ग्रामीणों एवं ग्रामध्यक्षों के अधीन रहता था। अंगे्रजी सरकार के समान पृथ्वी की नाप का हिसाब सम्पूर्णतया कागजों में लिखा रहता था। दुर्भिक्ष


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ओर सफाई आदि के नियम नियन्त्रित थे और जंगली मेहकमों का प्रबन्ध भी उत्तम था।

मैदान का मण्डल- जैसा कि ऊपर कहा गया है कई एक प्रान्तों में विभक्त था। सामान्यतया प्रत्येक प्रान्त की आमदनी एक लाख-सवालाख के लगभग होती थी। प्रत्येक सूबेदार का वेतन 100 के लगभग होता था। कर-प्राप्ति आदि का प्रबन्ध ग्रामीणों एवं ग्रामध्यक्षों के अधीन रहता था। अंगे्रजी सरकार के समान पृथ्वी की नाप का हिसाब सम्पूर्णतया कागजों में लिखा रहता था। दुर्भिक्ष


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