ओर सफाई आदि के नियम नियन्त्रित थे और जंगली मेहकमों का प्रबन्ध भी उत्तम था।
मैदान का मण्डल- जैसा कि ऊपर कहा गया है कई एक प्रान्तों में विभक्त था। सामान्यतया प्रत्येक प्रान्त की आमदनी एक लाख-सवालाख के लगभग होती थी। प्रत्येक सूबेदार का वेतन 100 के लगभग होता था। कर-प्राप्ति आदि का प्रबन्ध ग्रामीणों एवं ग्रामध्यक्षों के अधीन रहता था। अंगे्रजी सरकार के समान पृथ्वी की नाप का हिसाब सम्पूर्णतया कागजों में लिखा रहता था। दुर्भिक्ष
ओर सफाई आदि के नियम नियन्त्रित थे और जंगली मेहकमों का प्रबन्ध भी उत्तम था।
मैदान का मण्डल- जैसा कि ऊपर कहा गया है कई एक प्रान्तों में विभक्त था। सामान्यतया प्रत्येक प्रान्त की आमदनी एक लाख-सवालाख के लगभग होती थी। प्रत्येक सूबेदार का वेतन 100 के लगभग होता था। कर-प्राप्ति आदि का प्रबन्ध ग्रामीणों एवं ग्रामध्यक्षों के अधीन रहता था। अंगे्रजी सरकार के समान पृथ्वी की नाप का हिसाब सम्पूर्णतया कागजों में लिखा रहता था। दुर्भिक्ष