आज है। वस्तुतः एस समय का यह राजस्थान बहुत बड़ा था। 1395 में दिल्ली के सिंहासन पर बैठने वाला अलाउद्दीन खिलजी प्रथम व्यक्ति था जिसने राजपुताना पर चढ़ाई की 14 वीं शताब्दी के आरम्भ में उसने चित्तौड़ पर चढ़ाई की किन्तू कुछ समय बाद यह प्रदेश पुनः स्वतंत्र हो गया। उसके बाद इस पर हमलाा करने वाला बादशाह अकबर था। अकबर का युद्व में मुकाबला करने में महाराणा प्रताप ने जो वीरता, धीरता तथा गम्भीरता दिखाई वह संसार के सामने प्रत्यक्ष है।
आज है। वस्तुतः एस समय का यह राजस्थान बहुत बड़ा था। 1395 में दिल्ली के सिंहासन पर बैठने वाला अलाउद्दीन खिलजी प्रथम व्यक्ति था जिसने राजपुताना पर चढ़ाई की 14 वीं शताब्दी के आरम्भ में उसने चित्तौड़ पर चढ़ाई की किन्तू कुछ समय बाद यह प्रदेश पुनः स्वतंत्र हो गया। उसके बाद इस पर हमलाा करने वाला बादशाह अकबर था। अकबर का युद्व में मुकाबला करने में महाराणा प्रताप ने जो वीरता, धीरता तथा गम्भीरता दिखाई वह संसार के सामने प्रत्यक्ष है।