को संगठित किया जिसने मुगल सत्ता का समूल नाश करने का बीड़ा उठाया। जिस समय बाबर ने दिल्ली में मुगल सल्तनत की नींव डाली, उसी समय गुरूनानक ने के बद्वमूल हो जाने के तीन सौ-चार सौ वर्षो बाद तक अपनी आजादी को बरकरार रखा। चार सौ वर्ग मील क्षेत्र वाला उड़ीसा प्रान्त चैदहवीं शताब्दी के अन्त तक स्वतन्त्र रहा। दक्षिण में पश्चिमी घाट का प्रदेश भी स्वतंत्र रहा। 13 वीं शताब्दी में अलाउद्दीन खिलजी ने सर्वप्रथम दक्षिण पर चढ़ाई की। नर्मदा
को संगठित किया जिसने मुगल सत्ता का समूल नाश करने का बीड़ा उठाया। जिस समय बाबर ने दिल्ली में मुगल सल्तनत की नींव डाली, उसी समय गुरूनानक ने के बद्वमूल हो जाने के तीन सौ-चार सौ वर्षो बाद तक अपनी आजादी को बरकरार रखा। चार सौ वर्ग मील क्षेत्र वाला उड़ीसा प्रान्त चैदहवीं शताब्दी के अन्त तक स्वतन्त्र रहा। दक्षिण में पश्चिमी घाट का प्रदेश भी स्वतंत्र रहा। 13 वीं शताब्दी में अलाउद्दीन खिलजी ने सर्वप्रथम दक्षिण पर चढ़ाई की। नर्मदा