छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

को पार कर खानदेश होता हुआ देवगढ़ तक बढ़ जाने वाला यही पहला मुसलमान हमलावर था। उस समय इसका चाचा ज़लालुद्दीन खिलजी दिल्ली के सिंहासन पर था। अलाउद्दीन ने यों तो यह प्रसिद्व कर रखा था िकवह अपने चाचा के व्यवहार से क्रुद और रूष्ट होकर दक्षिण की ओर जा रहा था, वस्तुतः उसकी इच्छा दक्षिण विजय करने की थी।

18 छत्रपति शिवाजी

उन दिनों दक्षिण प्रान्त की राजधानी देवगढ़ थी। देवगढ़ का राजा रामदेव राय चुपचाप चैन की बंशी बजा रहा था। उसकी


48 of 401

को पार कर खानदेश होता हुआ देवगढ़ तक बढ़ जाने वाला यही पहला मुसलमान हमलावर था। उस समय इसका चाचा ज़लालुद्दीन खिलजी दिल्ली के सिंहासन पर था। अलाउद्दीन ने यों तो यह प्रसिद्व कर रखा था िकवह अपने चाचा के व्यवहार से क्रुद और रूष्ट होकर दक्षिण की ओर जा रहा था, वस्तुतः उसकी इच्छा दक्षिण विजय करने की थी।

18 छत्रपति शिवाजी

उन दिनों दक्षिण प्रान्त की राजधानी देवगढ़ थी। देवगढ़ का राजा रामदेव राय चुपचाप चैन की बंशी बजा रहा था। उसकी


48 of 401