कर दिया कि वह तो थोड़ी सी सेना के साथ आया है, बड़ी सेना साथ लेकर तो खुद बादशाह जलालुद्दीन खिलजी आ रहा है। यह समाचार सुन कर राजा रामदेव राय ने सन्धि करने में ही अपनी भलाई समझी। इधर तो सन्धि की चर्चा चल रही थी, उधर राजा रामदेव राय का पुत्र यात्रा से लौट आया और अपनी सेना के साथ खिलजी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उसने अलाउद्दीन खिलजी को सामने आकर लड़ने की चुनौती दी। इस अवसर पर खिलजी ने चालाकी से काम लिया । वह अपनी सेना का एक बड़ा
कर दिया कि वह तो थोड़ी सी सेना के साथ आया है, बड़ी सेना साथ लेकर तो खुद बादशाह जलालुद्दीन खिलजी आ रहा है। यह समाचार सुन कर राजा रामदेव राय ने सन्धि करने में ही अपनी भलाई समझी। इधर तो सन्धि की चर्चा चल रही थी, उधर राजा रामदेव राय का पुत्र यात्रा से लौट आया और अपनी सेना के साथ खिलजी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उसने अलाउद्दीन खिलजी को सामने आकर लड़ने की चुनौती दी। इस अवसर पर खिलजी ने चालाकी से काम लिया । वह अपनी सेना का एक बड़ा