हिस्सा लेकर युवराज के सामने आ डटा और कुछ सैनिकों को किले की रक्षा के लिए छोड़ दिया ताकि समय आने पर वह भी सहायता के लिए आ सकें तथा राजा के सैनिकों को यह धोखा हो जाये कि बादशाह जलालुद्दीन की सेना भी आ गई है। अलाउद्दीन की यह चालाकी सफल रही। राजकुमार ने वीरता से युद्व किया किन्तु जब उसने देखा की पराजय सन्निकट है तो उसे एक और विपत्ति का सामना करना पड़ा। उसी समय किले में रूकी खिलजी सेना वहां आ गई। हिन्दू सेना ने समझाा कि यह बादशाह
हिस्सा लेकर युवराज के सामने आ डटा और कुछ सैनिकों को किले की रक्षा के लिए छोड़ दिया ताकि समय आने पर वह भी सहायता के लिए आ सकें तथा राजा के सैनिकों को यह धोखा हो जाये कि बादशाह जलालुद्दीन की सेना भी आ गई है। अलाउद्दीन की यह चालाकी सफल रही। राजकुमार ने वीरता से युद्व किया किन्तु जब उसने देखा की पराजय सन्निकट है तो उसे एक और विपत्ति का सामना करना पड़ा। उसी समय किले में रूकी खिलजी सेना वहां आ गई। हिन्दू सेना ने समझाा कि यह बादशाह