छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

था। महाराणा प्रताप के बाद उदयपुर की राजगद्दी पर बैठने वाले किसी शासक के मन में प्रताप जैसी देशभक्ति की भावना नहीं जगी। यद्यपि मेवाड़ ने न तो अन्य राजपुत राजाओं की भांति मुगलों को अपनी बहिन बेटियां दीं और न उनकी अधीनता स्वीकार की तथापि यह राज्य भी अपनी स्वतन्त्रता को स्थिर नहीं रख सका। यहां राजनैतिक परिर्वतन का दौर चलता रहता था। राजपुतों के इतिहास में वीर दुर्गादास का नाम आता है जिसने अपने बल और पराक्रम का


26 छत्रपति शिवाजी


77 of 401

था। महाराणा प्रताप के बाद उदयपुर की राजगद्दी पर बैठने वाले किसी शासक के मन में प्रताप जैसी देशभक्ति की भावना नहीं जगी। यद्यपि मेवाड़ ने न तो अन्य राजपुत राजाओं की भांति मुगलों को अपनी बहिन बेटियां दीं और न उनकी अधीनता स्वीकार की तथापि यह राज्य भी अपनी स्वतन्त्रता को स्थिर नहीं रख सका। यहां राजनैतिक परिर्वतन का दौर चलता रहता था। राजपुतों के इतिहास में वीर दुर्गादास का नाम आता है जिसने अपने बल और पराक्रम का


26 छत्रपति शिवाजी


77 of 401