वीर ओर गम्भीर थे। वीरता और पराक्रम में वे अद्वितीय थे। बादशाह औरंगजेब के एक मंत्री से जब किसी बात पर क्रोधित हुए तो उनमें आत्मविश्वास और निर्भिकता पराकष्ठा की थी। धर्म पर उनका विश्वास उस कोटि का था जिसके कारण औरंगजेब को उनसे मुंह की खानी पड़ी। वे वीरों के प्रशंसक थे तथा सदाचार में अद्वितीय थे। उनका आचरण शुद्व एंव पवित्र था, यही कारण है कि इस महापुरूष की जीवन कथा हम अपने देश के युवकों को सुनाना चाहते हैं। हमें विश्वास है
वीर ओर गम्भीर थे। वीरता और पराक्रम में वे अद्वितीय थे। बादशाह औरंगजेब के एक मंत्री से जब किसी बात पर क्रोधित हुए तो उनमें आत्मविश्वास और निर्भिकता पराकष्ठा की थी। धर्म पर उनका विश्वास उस कोटि का था जिसके कारण औरंगजेब को उनसे मुंह की खानी पड़ी। वे वीरों के प्रशंसक थे तथा सदाचार में अद्वितीय थे। उनका आचरण शुद्व एंव पवित्र था, यही कारण है कि इस महापुरूष की जीवन कथा हम अपने देश के युवकों को सुनाना चाहते हैं। हमें विश्वास है