कि इस जीवनचरित को पढ़ कर हमारे युवक भी सदाचारी और देशभक्त बनेंगे। वे ऐसा आदर्श उपस्थित करेंगे जिससे अन्य लोग भी शुद्व और पवित्र जीवन जीना सीखें।
30 छत्रपति शिवाजी
पाद-टिप्पणियां
अध्याय 1
शिवाजी का जीवनचरित
वंश -विवरण
छत्रपति शिवाजी मातृवंश दोनों ओर से राजपूत थे। पितृपक्ष से वह उस पवित्र वंश में उत्पन्न हुए थे, जिसमें बड़े बड़े शूरवीर उत्पन्न हुए थे, जो वंश बहुत समय तक स्वतन्त्र रहा। जिसकी सन्तान अपनी जाति और
कि इस जीवनचरित को पढ़ कर हमारे युवक भी सदाचारी और देशभक्त बनेंगे। वे ऐसा आदर्श उपस्थित करेंगे जिससे अन्य लोग भी शुद्व और पवित्र जीवन जीना सीखें।
30 छत्रपति शिवाजी
पाद-टिप्पणियां
अध्याय 1
शिवाजी का जीवनचरित
वंश -विवरण
छत्रपति शिवाजी मातृवंश दोनों ओर से राजपूत थे। पितृपक्ष से वह उस पवित्र वंश में उत्पन्न हुए थे, जिसमें बड़े बड़े शूरवीर उत्पन्न हुए थे, जो वंश बहुत समय तक स्वतन्त्र रहा। जिसकी सन्तान अपनी जाति और