देश के लिए अनेक बार लड़ी और जिसने बहुत सी कठिनाइयों को झेलते हुए भी मुसलमानों से सम्बंध नही किया। जो आज तक अपनी इस पवित्रता के कारण समस्त राजपूतों में शिरोमणि है। हमारा यह संकेत उदयपुर के राणावंश से है। मातृपक्ष की ओर से शिवाजी एक ऐसे ही प्राचीन राजवंश के हैं। मुसलमानों के आक्रमणों से पहले दक्षिण में यादव वंश के राजपूत राज करते थे जिनकी राजधानी देवगढ़ में भी जिसे कुछ समय मुहम्मद तुग़लक ने दौलताबाद के नाम से प्रसिद्व किया।
देश के लिए अनेक बार लड़ी और जिसने बहुत सी कठिनाइयों को झेलते हुए भी मुसलमानों से सम्बंध नही किया। जो आज तक अपनी इस पवित्रता के कारण समस्त राजपूतों में शिरोमणि है। हमारा यह संकेत उदयपुर के राणावंश से है। मातृपक्ष की ओर से शिवाजी एक ऐसे ही प्राचीन राजवंश के हैं। मुसलमानों के आक्रमणों से पहले दक्षिण में यादव वंश के राजपूत राज करते थे जिनकी राजधानी देवगढ़ में भी जिसे कुछ समय मुहम्मद तुग़लक ने दौलताबाद के नाम से प्रसिद्व किया।