छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

शिवाजी के नाना यादवराव जी उसी पूज्य राजघराने के थे। यद्यपि समय के उलट फेर के कारण राज्य की बागडोर हाथ से निकल गई थी, फिर भी यह वंश उस इलाके में प्रतिष्ठित और उच्च गिना जाता था। कुछ इलाके उस समय भी इनके हाथ में थे और मुसलमानी राज्य में भी इस वंश के

32 छत्रपति शिवाजी

राजपूतों को अच्छे अच्छे पद दिये जाते थे।

मराठा वंश में यादवराव का वंश सब से अधिक बली, पराक्रमी, प्रतिष्ठित और जागीरदार था। यादवराव के वंश का एक आदमी


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शिवाजी के नाना यादवराव जी उसी पूज्य राजघराने के थे। यद्यपि समय के उलट फेर के कारण राज्य की बागडोर हाथ से निकल गई थी, फिर भी यह वंश उस इलाके में प्रतिष्ठित और उच्च गिना जाता था। कुछ इलाके उस समय भी इनके हाथ में थे और मुसलमानी राज्य में भी इस वंश के

32 छत्रपति शिवाजी

राजपूतों को अच्छे अच्छे पद दिये जाते थे।

मराठा वंश में यादवराव का वंश सब से अधिक बली, पराक्रमी, प्रतिष्ठित और जागीरदार था। यादवराव के वंश का एक आदमी


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