‘देखो, हमारा सिंहपुरूष हो तो ऐसा! पर क्या? राव अजब तेरी करनी, अजब तेरा खेल! मकड़ी के जाल में फंसाया शेर।’ यह गीत गा-गाकर स्वांग करता, नाचता और स्वयं ही पूर्व पक्ष-उत्तर पक्ष करते हुए विवाद छेड़ता कि ‘कहां इतनी प्रबल सरकार और कहां ये अकिंचन चार बच्चे! च्ले हैं अंग्रेज सरकार का राज लेने।’ ऐसा कहते हुए हाथ में पकड़ा सोटा तलवार जैसा घुमाते हुए- दो-तीन पैंतरे काटकर नाचता और अपने साथ लाए दो-तीन कैदियों से वह पूछता, ‘क्यों रे रामू,
‘देखो, हमारा सिंहपुरूष हो तो ऐसा! पर क्या? राव अजब तेरी करनी, अजब तेरा खेल! मकड़ी के जाल में फंसाया शेर।’ यह गीत गा-गाकर स्वांग करता, नाचता और स्वयं ही पूर्व पक्ष-उत्तर पक्ष करते हुए विवाद छेड़ता कि ‘कहां इतनी प्रबल सरकार और कहां ये अकिंचन चार बच्चे! च्ले हैं अंग्रेज सरकार का राज लेने।’ ऐसा कहते हुए हाथ में पकड़ा सोटा तलवार जैसा घुमाते हुए- दो-तीन पैंतरे काटकर नाचता और अपने साथ लाए दो-तीन कैदियों से वह पूछता, ‘क्यों रे रामू,