मेरे इस तरह वार करने से हवा मरी?’ सब लोग जोर-जोर से ठहाके लगाते। हवलदार की ठिठोली थी! न हंसे तो मुसीबत। कब क्या दंड दिलवा दे। उनके हंसने पर वह और छाती फुलाकर कहता, अरे, हंसते क्यों हो? क्या हवा को मारने का यह साहस हमारे इन महाराज के साहस से अधिक हास्यास्पद है, जो आठ-दस लड़के लेकर अंगे्रज सरकार को मारने चले हैं?
विलायती छैल-छबीली
कभी हम स्नान करते तो वह वहीं खड़े होकर हमारी ओर घूरता रहता और अपने मातहत सिपाहियों से कहता,
मेरे इस तरह वार करने से हवा मरी?’ सब लोग जोर-जोर से ठहाके लगाते। हवलदार की ठिठोली थी! न हंसे तो मुसीबत। कब क्या दंड दिलवा दे। उनके हंसने पर वह और छाती फुलाकर कहता, अरे, हंसते क्यों हो? क्या हवा को मारने का यह साहस हमारे इन महाराज के साहस से अधिक हास्यास्पद है, जो आठ-दस लड़के लेकर अंगे्रज सरकार को मारने चले हैं?
विलायती छैल-छबीली
कभी हम स्नान करते तो वह वहीं खड़े होकर हमारी ओर घूरता रहता और अपने मातहत सिपाहियों से कहता,