के जाल में फंसाया है शेर। एक दिन मैंने उससे कहा, ‘‘ कुछ समाचार सुनाओ।’’ उसने कहा, ‘‘कैसा समाचार? दादा, इन लोगों के कारण आप व्यर्थ मरे और अब भी आपको उनका मोह नहीं छूटता? ओह, कैसे लोग और कैसा लोकहित? देखो, आप पकड़े गए। बाकी सारे बुरकों में छिप गए। किसी ने चूं तक की हो तो शपथ! कैसा समाचार! अरे, आप मरे दुनिया डूबी।’’
अर्क हैं अर्क
हाल ही में इंग्लैंड में राज्यारोहण समारोह हुआ तो बंदियों में यह अफवाह उड़ गई थी कि इस अवसर
के जाल में फंसाया है शेर। एक दिन मैंने उससे कहा, ‘‘ कुछ समाचार सुनाओ।’’ उसने कहा, ‘‘कैसा समाचार? दादा, इन लोगों के कारण आप व्यर्थ मरे और अब भी आपको उनका मोह नहीं छूटता? ओह, कैसे लोग और कैसा लोकहित? देखो, आप पकड़े गए। बाकी सारे बुरकों में छिप गए। किसी ने चूं तक की हो तो शपथ! कैसा समाचार! अरे, आप मरे दुनिया डूबी।’’
अर्क हैं अर्क
हाल ही में इंग्लैंड में राज्यारोहण समारोह हुआ तो बंदियों में यह अफवाह उड़ गई थी कि इस अवसर