पर छूट मिलेगी। वह हवलदार मेरे साथ बात करके गया ही था, इतने में एक और अधिकारी, जो मुझे कभी-कभी कुछ समाचार देता था, आ गया। उसे पत्र पढ़ने में रूचि नहीं थी। परंतु मुझे समाचार देने थे, इसलिए वह थोड़े पत्र छांट रहा था। उसने जल्दी से आते हुए कहा, ‘‘ मद्रास में अशे नाम के एक कलेक्टर को- एक शाक्त ब्राह्मण ने¹ गोली से उड़ा दिया। सुना है, चिदंबर पिल्लै के प्रकरण से उस अधिकारी का कुछ संबंध था। ’’ वह हवलदार जब दोपहर में पुनः आया तो मेरी ओर घूरते हुए उसने कहा,
पर छूट मिलेगी। वह हवलदार मेरे साथ बात करके गया ही था, इतने में एक और अधिकारी, जो मुझे कभी-कभी कुछ समाचार देता था, आ गया। उसे पत्र पढ़ने में रूचि नहीं थी। परंतु मुझे समाचार देने थे, इसलिए वह थोड़े पत्र छांट रहा था। उसने जल्दी से आते हुए कहा, ‘‘ मद्रास में अशे नाम के एक कलेक्टर को- एक शाक्त ब्राह्मण ने¹ गोली से उड़ा दिया। सुना है, चिदंबर पिल्लै के प्रकरण से उस अधिकारी का कुछ संबंध था। ’’ वह हवलदार जब दोपहर में पुनः आया तो मेरी ओर घूरते हुए उसने कहा,