मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

उनको यही आशा थी कि आगे चलकर कहीं यह सचमुच जमादार बना तो हमें सहारा देगा- अतः बेचारे अभी से उसकी सेवा-चाकरी में लगे रहते, उसकी ‘हां जी, हां जी’ करते। रास्ते से बंदियों की यह टोली आते ही स्टेशन पर कोई केले, नारियल, खाद्य वस्तुएं, पैसे आदि दान करते। उसमें से पैसे-वैसे मिलने पर ये बंदी अपने इस ‘जमादार’ को दे देते और चुपके से उसके पैर रगड़ते। वह भी उन लोगों को डिगीन साहब या फिर मांटफर्ड साहब से कहकर आज ही मुकादमी का काम दिलवाऊंगा आदि,


135 of 2228

उनको यही आशा थी कि आगे चलकर कहीं यह सचमुच जमादार बना तो हमें सहारा देगा- अतः बेचारे अभी से उसकी सेवा-चाकरी में लगे रहते, उसकी ‘हां जी, हां जी’ करते। रास्ते से बंदियों की यह टोली आते ही स्टेशन पर कोई केले, नारियल, खाद्य वस्तुएं, पैसे आदि दान करते। उसमें से पैसे-वैसे मिलने पर ये बंदी अपने इस ‘जमादार’ को दे देते और चुपके से उसके पैर रगड़ते। वह भी उन लोगों को डिगीन साहब या फिर मांटफर्ड साहब से कहकर आज ही मुकादमी का काम दिलवाऊंगा आदि,


135 of 2228