कभी नहीं। हां परंतु कदन्न तो सदैव साथ होगा। उससे मित्रता चिरकाल तक उपयोगी होगी।’’ मैंने हंसते हुए कहा।
अधिकारी ने उतावलेपन से कहा, ’’नहीं-नहीं, ऐसा नहीं होगा। आप फ्रांस लौट जाएंगे, ऐसा आदेश भी आ चुका है, ऐसा मैंने सुना है। आप बंदियों में काम करेंगे? राव साहब, ईश्वर ऐसा कभी नहीं करेगा।’’
इतने में एक सिपाही भागता हुुआ आया और बोला,’’हवलदारजी, साहब आता है।’’ धड़ाम से दरवाजा बंद हो गया। भोजन परोसते हुए वे लोग आगे निकल गए।
कभी नहीं। हां परंतु कदन्न तो सदैव साथ होगा। उससे मित्रता चिरकाल तक उपयोगी होगी।’’ मैंने हंसते हुए कहा।
अधिकारी ने उतावलेपन से कहा, ’’नहीं-नहीं, ऐसा नहीं होगा। आप फ्रांस लौट जाएंगे, ऐसा आदेश भी आ चुका है, ऐसा मैंने सुना है। आप बंदियों में काम करेंगे? राव साहब, ईश्वर ऐसा कभी नहीं करेगा।’’
इतने में एक सिपाही भागता हुुआ आया और बोला,’’हवलदारजी, साहब आता है।’’ धड़ाम से दरवाजा बंद हो गया। भोजन परोसते हुए वे लोग आगे निकल गए।