पैरांे से किसी का सिर सटा हुआ था। मेरे सिर से ही नहीं अपितु मुहं के पास किसी की टांगे सटी हुई और तनिक उधर मंुह करे तो मुख से मुख
सटा हुआ। पल भी चित लेटा। सामने ही एक बड़ा सा पीपा आधा काटकर रखा हुआ था। उधर थोड़ा रिक्त स्ािान था। उस पिंजरे में अन्यत्र बहुत भीड़ हो गई थी, उसकी तुलना में मेरे कोने में कम भीड़ थी और इसी कारण मुझे इस कोने में बिस्तर बिछाने की सहूलियत दी गई थी। परंतु इतने में सड़ी हुई दुर्गंध का इतना तीव्र भपारा
पैरांे से किसी का सिर सटा हुआ था। मेरे सिर से ही नहीं अपितु मुहं के पास किसी की टांगे सटी हुई और तनिक उधर मंुह करे तो मुख से मुख
सटा हुआ। पल भी चित लेटा। सामने ही एक बड़ा सा पीपा आधा काटकर रखा हुआ था। उधर थोड़ा रिक्त स्ािान था। उस पिंजरे में अन्यत्र बहुत भीड़ हो गई थी, उसकी तुलना में मेरे कोने में कम भीड़ थी और इसी कारण मुझे इस कोने में बिस्तर बिछाने की सहूलियत दी गई थी। परंतु इतने में सड़ी हुई दुर्गंध का इतना तीव्र भपारा