मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

ताकि उन बंदियों को संकोच न हो। मन कसमसाया, ‘हाय-हाय! यह तो जीवित नरक भोगना पड़ रहा है तुम्हें। ‘विवेक ने समझाया, ‘ बावले, यह सत्य है, पर यह भी अपना-अपना विचार है। यह तुम्हें विशेष सुविधा मिल रही है न! तो फिर उसका विशेष उपयोग क्यों नही कर लेते? जाति-पांति, गोत्र, वर्ग का ही नहीं अपितु शील तथा शुचिता का भी अंहकार चकनाचूर करने के लिए ही ईश्वर ने तुम्हें यह अवसर तो नहीं प्रदान किया? इस विशेष्ज्ञ सुविधा का विशेष उपयोग करो।


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ताकि उन बंदियों को संकोच न हो। मन कसमसाया, ‘हाय-हाय! यह तो जीवित नरक भोगना पड़ रहा है तुम्हें। ‘विवेक ने समझाया, ‘ बावले, यह सत्य है, पर यह भी अपना-अपना विचार है। यह तुम्हें विशेष सुविधा मिल रही है न! तो फिर उसका विशेष उपयोग क्यों नही कर लेते? जाति-पांति, गोत्र, वर्ग का ही नहीं अपितु शील तथा शुचिता का भी अंहकार चकनाचूर करने के लिए ही ईश्वर ने तुम्हें यह अवसर तो नहीं प्रदान किया? इस विशेष्ज्ञ सुविधा का विशेष उपयोग करो।


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