छोड़ते और उनके उस परस्पर संग्राम की हाथापाई देखते-देखते मुझे भी बड़ा आनंद आने लगा। अन्न की विष्ठा, विष्ठा का खाद और खाद पुनः अन्न। भई वाह! चमत्कार है! ठस आनंद में गंदगी का उपद्रव दूर हो गया। रात एक बजे के आस-पास गहरी नींद सो गया। उस जलायन पर इस तरह मेरा उस कोने में अविचल रहना सभी बंदियों के लिए आश्चर्य का कारण बन गया। एक-दो जनों ने तो मेरी पीठ पीछे यह संदेह भी व्यक्त किया कि मैं किसी नीच जाति का गंदा, घिनौना व्यक्ति हूं, जिसके शरीर से पसीने की दुर्गंध आती है।
छोड़ते और उनके उस परस्पर संग्राम की हाथापाई देखते-देखते मुझे भी बड़ा आनंद आने लगा। अन्न की विष्ठा, विष्ठा का खाद और खाद पुनः अन्न। भई वाह! चमत्कार है! ठस आनंद में गंदगी का उपद्रव दूर हो गया। रात एक बजे के आस-पास गहरी नींद सो गया। उस जलायन पर इस तरह मेरा उस कोने में अविचल रहना सभी बंदियों के लिए आश्चर्य का कारण बन गया। एक-दो जनों ने तो मेरी पीठ पीछे यह संदेह भी व्यक्त किया कि मैं किसी नीच जाति का गंदा, घिनौना व्यक्ति हूं, जिसके शरीर से पसीने की दुर्गंध आती है।