मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas




यूरोपियनों का व्यवहार

उस जहाज के यात्रियों तथा कुछ भारतीय अधिकारियों की हार्दिक इच्छा रहती थी कि मेरी कुछ-न-कुछ सहायता करके अपनी आदरभावना व्यक्त करें, जो उनके मन में मेरे लिए पनप रही थी। आते-जाते वे यथासंभव मुझसे मिलकर जाते। यूरोपियन लोेगों में कुछ संतरियों ने भी मेरे प्रति बहुत आदरभाव प्रदर्शित किया। कुछ अंगे्रजी वृत्तपत्र, पत्रिकाएं भी प्राप्त हो गई। जहाज पर खाने के लिए केवल भुने हुए चने मिलते थे। परंतु कुछ अधिकारियों


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यूरोपियनों का व्यवहार

उस जहाज के यात्रियों तथा कुछ भारतीय अधिकारियों की हार्दिक इच्छा रहती थी कि मेरी कुछ-न-कुछ सहायता करके अपनी आदरभावना व्यक्त करें, जो उनके मन में मेरे लिए पनप रही थी। आते-जाते वे यथासंभव मुझसे मिलकर जाते। यूरोपियन लोेगों में कुछ संतरियों ने भी मेरे प्रति बहुत आदरभाव प्रदर्शित किया। कुछ अंगे्रजी वृत्तपत्र, पत्रिकाएं भी प्राप्त हो गई। जहाज पर खाने के लिए केवल भुने हुए चने मिलते थे। परंतु कुछ अधिकारियों


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