तब सिपाही क्रोधित हो कहते, ‘अरे ठहर तू, बड़ी चढ़ी हुई है तुझे, समझता है तू ही सबसे बड़ा बदमाश है। अगर एक बार बारी बाबा को देखा तो सारा होश ठिकाने आ जाएगा- अरे धोती ढीली हो जाएगी, धोती में मूतोगे, समझे!’ बारी बाबा और हमारी शीघ्र ही गहरी मैत्री होनेवाली थी, अतः उन सिपाहियों को उस संबंध में अधिक कुरेदने में कोई तुक नहीं था।
अंदमान के संबंध में वे कहते, ‘बाबूजी, छह महीने में मुक्ति मिलेगी। आप जैसे पढ़े-लिखे बाबुओं को तो आॅफिस में काम मिलेगा। इतना ही नहीं,
तब सिपाही क्रोधित हो कहते, ‘अरे ठहर तू, बड़ी चढ़ी हुई है तुझे, समझता है तू ही सबसे बड़ा बदमाश है। अगर एक बार बारी बाबा को देखा तो सारा होश ठिकाने आ जाएगा- अरे धोती ढीली हो जाएगी, धोती में मूतोगे, समझे!’ बारी बाबा और हमारी शीघ्र ही गहरी मैत्री होनेवाली थी, अतः उन सिपाहियों को उस संबंध में अधिक कुरेदने में कोई तुक नहीं था।
अंदमान के संबंध में वे कहते, ‘बाबूजी, छह महीने में मुक्ति मिलेगी। आप जैसे पढ़े-लिखे बाबुओं को तो आॅफिस में काम मिलेगा। इतना ही नहीं,