पूरा जिला आपकी आज्ञा में रहेगा। दस वर्षों तक सहÛों रूपए जुटा सकोगे और दस वर्षों के पश्चात् घरबार बसा लोगे। ’ मन-ही-मन मैं सोचता, ‘यह क्या! भई, कहीं मुझे क्रांतिकारी आंदोलन में भाग लेने के उपलक्ष्य में पुरस्कृत करने के लिए तो अंदमान नहीं ले जा रहे हैं। चलो, अच्छा ही हुआ जो मार्सेलिस में पकड़ा गया। यूरोप में दर-दर की ठोकरें खाते हुए भटकने के दुःख जीवन का मैंने अनुभव किया है। अंदमान का जीवन, जैसा ये वर्णन कर रहे हैं, इससे
पूरा जिला आपकी आज्ञा में रहेगा। दस वर्षों तक सहÛों रूपए जुटा सकोगे और दस वर्षों के पश्चात् घरबार बसा लोगे। ’ मन-ही-मन मैं सोचता, ‘यह क्या! भई, कहीं मुझे क्रांतिकारी आंदोलन में भाग लेने के उपलक्ष्य में पुरस्कृत करने के लिए तो अंदमान नहीं ले जा रहे हैं। चलो, अच्छा ही हुआ जो मार्सेलिस में पकड़ा गया। यूरोप में दर-दर की ठोकरें खाते हुए भटकने के दुःख जीवन का मैंने अनुभव किया है। अंदमान का जीवन, जैसा ये वर्णन कर रहे हैं, इससे