अधिक असहनीय तो नहीं है। अर्थात् वैसा ही तो नहीं जैसा यह बखान कर रहे हैं। हां, हो सकता है, वैसा ही हो। पंरतु क्या वह मेरे भाग में होगा? असंभव, सर्वथा असंभव। उनकी अवस्था कैसी है जो राजबंदी पहली बार ही अंदमान गए थे? क्या मेरी उनसे भेंट होगी? और मेरे ज्येष्ठ बंधु?
कोई भी निश्चित जानकारी नहीं दे सकता था। बस इतना ही ज्ञात हुआ कि वे लोग वहां हैं। कारागृह में हैं। प्रायः मैं भी उधर ही जाऊंगा।
सभी कह रहे हैं, आज अंदमान आएगा। प्रातःकाल के छह बज चुके थे,
अधिक असहनीय तो नहीं है। अर्थात् वैसा ही तो नहीं जैसा यह बखान कर रहे हैं। हां, हो सकता है, वैसा ही हो। पंरतु क्या वह मेरे भाग में होगा? असंभव, सर्वथा असंभव। उनकी अवस्था कैसी है जो राजबंदी पहली बार ही अंदमान गए थे? क्या मेरी उनसे भेंट होगी? और मेरे ज्येष्ठ बंधु?
कोई भी निश्चित जानकारी नहीं दे सकता था। बस इतना ही ज्ञात हुआ कि वे लोग वहां हैं। कारागृह में हैं। प्रायः मैं भी उधर ही जाऊंगा।
सभी कह रहे हैं, आज अंदमान आएगा। प्रातःकाल के छह बज चुके थे,