शक्ति। उसके शरीर पर यह नौका कितने मजे में लहराती चल रही है। क्यों? इसलिए कि वह इसे सह लेता है। जैसे कोई प्रचंड राक्षस किसी तुच्छ मच्छर को अपने शरीर पर बैठने देता है। पल भर उस मच्छर का साहस देखकर अपना मनोरंजन करता है, फिर एक ही चपत से उसे मारकर इस तरह तुम जैसे मच्छर-मनुष्य का साहस है यह। यह प्रचंड सामुद्रिक शक्ति जब खौलने लगेगी तो अपनी लहर की एक बंूद की फुहार पर तुम्हारी यह नैया ही नहीं अपितू पूरा-का-पूरा महाद्वीप ही उठाकर
शक्ति। उसके शरीर पर यह नौका कितने मजे में लहराती चल रही है। क्यों? इसलिए कि वह इसे सह लेता है। जैसे कोई प्रचंड राक्षस किसी तुच्छ मच्छर को अपने शरीर पर बैठने देता है। पल भर उस मच्छर का साहस देखकर अपना मनोरंजन करता है, फिर एक ही चपत से उसे मारकर इस तरह तुम जैसे मच्छर-मनुष्य का साहस है यह। यह प्रचंड सामुद्रिक शक्ति जब खौलने लगेगी तो अपनी लहर की एक बंूद की फुहार पर तुम्हारी यह नैया ही नहीं अपितू पूरा-का-पूरा महाद्वीप ही उठाकर