जो परस्पर भक्षण की मर्यादा से ही कदाचित् कुंठित होती होगी। इन जंगलों में बाघ, शेर, रीछ आदि खूंखार पशु नहीं पाए जाते । जंगली सुअर मिलते हैं। पक्षियों में यहां भारतीय पक्षी कुछ अधिक संख्या में नहीं थ। अंग्रेज सरकार ने मैना, तोता, बाज़, गिलहरी, मोर आदि जीवों को यहां लाकर छोड़ दिया; इतना ही नहीं, कौए मंगवाकर उनकी बस्ती बसाने में भी उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। पक्षियों की तरह हिरन, कुत्तो, सियार आदि पशु तथा बहुत सारे पालतू प्राणी भी यहां उपलब्ध हैं।
जो परस्पर भक्षण की मर्यादा से ही कदाचित् कुंठित होती होगी। इन जंगलों में बाघ, शेर, रीछ आदि खूंखार पशु नहीं पाए जाते । जंगली सुअर मिलते हैं। पक्षियों में यहां भारतीय पक्षी कुछ अधिक संख्या में नहीं थ। अंग्रेज सरकार ने मैना, तोता, बाज़, गिलहरी, मोर आदि जीवों को यहां लाकर छोड़ दिया; इतना ही नहीं, कौए मंगवाकर उनकी बस्ती बसाने में भी उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। पक्षियों की तरह हिरन, कुत्तो, सियार आदि पशु तथा बहुत सारे पालतू प्राणी भी यहां उपलब्ध हैं।