मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas




’’राव साहब, चिंता मत करो। ईश्वर आपके ये दिन भी पार करेगा। आप पर पड़े संकट का भगवान् साक्षी है। मेरे परिवार के लोगों की भी आखें भर आई। परंतु मैंने गर्व से सभी को आश्वस्त किया कि इस संकट में भी वे नहीं डगमगाएंगे। फिर यह क्या। आप चिंता मत कीजिए।’’

उसके इस सद्भावनापूर्वक समझाने का परिणाम एकदम विपरीत हुआ। चिंता करने लायक कुछ घटित हुआ है, इसका मुझे स्पश्ट स्मरण हो गया। मन में एक चुभन सी हुई। मैंने पूछा, ’’यह बोझा किसलिए?’’ हवलदार ने हंसने की चेश्टा करते हुए कहा,


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’’राव साहब, चिंता मत करो। ईश्वर आपके ये दिन भी पार करेगा। आप पर पड़े संकट का भगवान् साक्षी है। मेरे परिवार के लोगों की भी आखें भर आई। परंतु मैंने गर्व से सभी को आश्वस्त किया कि इस संकट में भी वे नहीं डगमगाएंगे। फिर यह क्या। आप चिंता मत कीजिए।’’

उसके इस सद्भावनापूर्वक समझाने का परिणाम एकदम विपरीत हुआ। चिंता करने लायक कुछ घटित हुआ है, इसका मुझे स्पश्ट स्मरण हो गया। मन में एक चुभन सी हुई। मैंने पूछा, ’’यह बोझा किसलिए?’’ हवलदार ने हंसने की चेश्टा करते हुए कहा,


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