आदि पूछताछ कोई कौंसिलर अवश्य करें। उसी तरह अपने उन जाति-बंधुओं की स्थिति कैसी है, जो उधर एकाकी हो गए हैं- यह एक बार प्रत्यक्ष देख आने के लिए, कौंसिल के लोक नियुक्त पक्ष को चाहिए कि वह किसी कौंसिलर को उधर भेज दे। वे बेचारे गूंगे हैं। उनके पास अपनी स्थिति सुधारने के लिए कोई साधन नहीं, अतः आपको उनका मुख बनना होगा। आर्यसमाजी उपदेशकों में से भी किसी प्रमुख उपदेशक को उधर भेजना आवश्यक है। वहां बहुसंख्य लोग हिंदू होने पर भी और
आदि पूछताछ कोई कौंसिलर अवश्य करें। उसी तरह अपने उन जाति-बंधुओं की स्थिति कैसी है, जो उधर एकाकी हो गए हैं- यह एक बार प्रत्यक्ष देख आने के लिए, कौंसिल के लोक नियुक्त पक्ष को चाहिए कि वह किसी कौंसिलर को उधर भेज दे। वे बेचारे गूंगे हैं। उनके पास अपनी स्थिति सुधारने के लिए कोई साधन नहीं, अतः आपको उनका मुख बनना होगा। आर्यसमाजी उपदेशकों में से भी किसी प्रमुख उपदेशक को उधर भेजना आवश्यक है। वहां बहुसंख्य लोग हिंदू होने पर भी और