अंदमान के आंगन में ही किया जा सकेगा। अंदमान की बस्ती तथा सद्यः संस्कृति-सबकुछ भारतीय होने के कारण उस द्वीपपुंज का भारत का ही एक राजनीतिक विभाग होना न्यायोचित है। पश्चिमी सागर तट पर लक्षदीव-मालदीव जैसे छोटे-छोटे द्वीप भी हिंदुस्थानी राज्यशासन के हाथ से जब निकल गए तब यूरोपीय सामुदिक आक्रमण बिल्कुल घर के द्वार पर आकर बंबई, गोवा को खटखटाने लगे। उन्हें दूर रखकर रोकने के लिए कोई भी उपाय हिंदुस्थान की तत्कालीन देशी सत्ता नहीं
अंदमान के आंगन में ही किया जा सकेगा। अंदमान की बस्ती तथा सद्यः संस्कृति-सबकुछ भारतीय होने के कारण उस द्वीपपुंज का भारत का ही एक राजनीतिक विभाग होना न्यायोचित है। पश्चिमी सागर तट पर लक्षदीव-मालदीव जैसे छोटे-छोटे द्वीप भी हिंदुस्थानी राज्यशासन के हाथ से जब निकल गए तब यूरोपीय सामुदिक आक्रमण बिल्कुल घर के द्वार पर आकर बंबई, गोवा को खटखटाने लगे। उन्हें दूर रखकर रोकने के लिए कोई भी उपाय हिंदुस्थान की तत्कालीन देशी सत्ता नहीं