कर सकी। अब भविष्य में तो यह भूल सुधार कर पश्चिम की ओर मालदीव, दक्षिण की ओर सिंहल द्वीप, पूरब की ओर अंदमान निकोबार द्वीपपुंज- इन सभी स्ािलों को बलशाली सामुद्रिक सैन्य शिविर तथा सागरीय दुर्ग का स्वरूप देना चाहिए।¹ आज केवल राजनीतिक संयोगवश सिंगापुर भारतीय सागर की नाक है। अंदमान प्राकृतिक चैकी है, क्योंकि अंदमान सिंहलद्वीप की तरह भारत का ही एक प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक अंश है।
चलो, उठाओ बिस्तरा!
भावी भारत के बलशाली युद्वपोतों
कर सकी। अब भविष्य में तो यह भूल सुधार कर पश्चिम की ओर मालदीव, दक्षिण की ओर सिंहल द्वीप, पूरब की ओर अंदमान निकोबार द्वीपपुंज- इन सभी स्ािलों को बलशाली सामुद्रिक सैन्य शिविर तथा सागरीय दुर्ग का स्वरूप देना चाहिए।¹ आज केवल राजनीतिक संयोगवश सिंगापुर भारतीय सागर की नाक है। अंदमान प्राकृतिक चैकी है, क्योंकि अंदमान सिंहलद्वीप की तरह भारत का ही एक प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक अंश है।
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भावी भारत के बलशाली युद्वपोतों