मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

अंदमान में होनेवाले अपमान का यह कहफ वाक्य सूत उवाच ही था। उठ गया, अपना बिस्तर सिर पर उठाया, हाथ में थालीपाट थामा, पैरों की भारी बेड़ियां कमर से ठीक-ठीक कस लीं और खड़ा रहा। किसी उच्च महान् विचारों की चोटी से अचानक किसी विवश प्रतिकूल तथा रूखे विचारों के गढ़े में ढकेला जाए तो मन भी घायल होता है, जैसे कि अचानक ऊंचाई से नीचे गिरने पर शरीर हताहत होता है, तथापि अपनी कल्पना तरंगों में दृष्टिगोचर हुई भावी भारत की बलशाली नौसेना को


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अंदमान में होनेवाले अपमान का यह कहफ वाक्य सूत उवाच ही था। उठ गया, अपना बिस्तर सिर पर उठाया, हाथ में थालीपाट थामा, पैरों की भारी बेड़ियां कमर से ठीक-ठीक कस लीं और खड़ा रहा। किसी उच्च महान् विचारों की चोटी से अचानक किसी विवश प्रतिकूल तथा रूखे विचारों के गढ़े में ढकेला जाए तो मन भी घायल होता है, जैसे कि अचानक ऊंचाई से नीचे गिरने पर शरीर हताहत होता है, तथापि अपनी कल्पना तरंगों में दृष्टिगोचर हुई भावी भारत की बलशाली नौसेना को


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