‘यह पानी खारा कैसे हुआ?’’ उसने कहा, ‘‘भला समुंदर का पानी कभी मीठा होता है?’’ तब ध्यान आया कि हम समुद्र स्नान कर रहे थे। पीने के पानी की कमी होने से अंदमान में स्नान, कपड़े धोने आदि के लिए सर्वत्र समुद्र का पानी प्रयोग किया जाता है। वह भी किसी कुंड में संचित।
सारा तन चिपचिपा हो गया। बाल कड़े-रूखें-कठोर हो गए थे। काश, स्नान के पचड़े में न ही पड़ता। परंतु पुनः सोचा, अब इसकी आदत डालनी ही पड़ेगी। लंदन, पेरिस के ‘टर्किश बाथ’ का आनंद लिया है,
‘यह पानी खारा कैसे हुआ?’’ उसने कहा, ‘‘भला समुंदर का पानी कभी मीठा होता है?’’ तब ध्यान आया कि हम समुद्र स्नान कर रहे थे। पीने के पानी की कमी होने से अंदमान में स्नान, कपड़े धोने आदि के लिए सर्वत्र समुद्र का पानी प्रयोग किया जाता है। वह भी किसी कुंड में संचित।
सारा तन चिपचिपा हो गया। बाल कड़े-रूखें-कठोर हो गए थे। काश, स्नान के पचड़े में न ही पड़ता। परंतु पुनः सोचा, अब इसकी आदत डालनी ही पड़ेगी। लंदन, पेरिस के ‘टर्किश बाथ’ का आनंद लिया है,