’ठहरो जरा और देखते जाओ मैंने इन खटमलों के लिए एक रामबाण औशधि ढूंढ निकाली है। आपको भी देता हूं।’’ चंद घंटों में खोल तैयार हो गई और देखते देखते वह बामन उसमें घुस गया, जैसे तानकर सोए तो तब उठे जब हमने ही सवेरे दरवाजा खटखटखाया। तब से मजाल है कि एक खटमल ने कभी उन्हें सताया हो। दिन में उस थैली को उलटी करके वे उसे धूप में रखते और रात में उसमें घुसकर खर्राटे भरते।’’
’’तिलक, आगरकर के साथ वे यहां थे, उसके बाद भी कभी इधर रहे क्या?’’
’ठहरो जरा और देखते जाओ मैंने इन खटमलों के लिए एक रामबाण औशधि ढूंढ निकाली है। आपको भी देता हूं।’’ चंद घंटों में खोल तैयार हो गई और देखते देखते वह बामन उसमें घुस गया, जैसे तानकर सोए तो तब उठे जब हमने ही सवेरे दरवाजा खटखटखाया। तब से मजाल है कि एक खटमल ने कभी उन्हें सताया हो। दिन में उस थैली को उलटी करके वे उसे धूप में रखते और रात में उसमें घुसकर खर्राटे भरते।’’
’’तिलक, आगरकर के साथ वे यहां थे, उसके बाद भी कभी इधर रहे क्या?’’