मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

में स्वयं सभ्य अंगे्रज महिलाओं पर भोंडे अत्याचार करके उनके मुंह में ं ं ं ं!’ ऐसे नरराक्षस थे वे!’’ मैंने पूछा,’’ क्या आपके पिताजी ने अपनी आंखों से देखा? उन्होंने झट से कहा, ‘‘एक कर्नल ने बताया, जिसने लखनऊ में यह कृत्य प्रत्यक्ष देखा था।’’ मैंने कहा, ‘‘तो फिर यह अवश्य मिथ्या होना चाहिए। क्यांेकि जब अंगे्रज महिलाओं तथा पुरूषों को बंदीगृह में डाला गया तब नाना कानपुर में थे, न कि लखनऊ में।’’ मेरी बात अनसुनी करते हुए बारी साहब ने कहा,


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में स्वयं सभ्य अंगे्रज महिलाओं पर भोंडे अत्याचार करके उनके मुंह में ं ं ं ं!’ ऐसे नरराक्षस थे वे!’’ मैंने पूछा,’’ क्या आपके पिताजी ने अपनी आंखों से देखा? उन्होंने झट से कहा, ‘‘एक कर्नल ने बताया, जिसने लखनऊ में यह कृत्य प्रत्यक्ष देखा था।’’ मैंने कहा, ‘‘तो फिर यह अवश्य मिथ्या होना चाहिए। क्यांेकि जब अंगे्रज महिलाओं तथा पुरूषों को बंदीगृह में डाला गया तब नाना कानपुर में थे, न कि लखनऊ में।’’ मेरी बात अनसुनी करते हुए बारी साहब ने कहा,


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