‘‘ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं।’’ मैंने कहा, ‘‘होंगे! जैसीयह मनगढ़ंत, सुनी-सनाई दंतकथा है वैसी ही वे भी होंगी।’’
अब अतिथियों में से एक ने, जो सज्जन दिख रहे थे, कहा,‘‘परंतु कुल मिलाकर नाना साहब, तात्या टोपे आदि स्वार्थी विद्रोहियों से आपको घृणा नहीं होती क्या?’’ मैंने उनसे कहा,‘‘यदि आप इस विषय पर कारागृह में चर्चा करना उचित समझते हैं तो मैं करता हूं। परंतु यहां मैं एक दंडित हूं और ये बंदीपाल। यदि चर्चा ही करनी है तो उस समय तक
‘‘ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं।’’ मैंने कहा, ‘‘होंगे! जैसीयह मनगढ़ंत, सुनी-सनाई दंतकथा है वैसी ही वे भी होंगी।’’
अब अतिथियों में से एक ने, जो सज्जन दिख रहे थे, कहा,‘‘परंतु कुल मिलाकर नाना साहब, तात्या टोपे आदि स्वार्थी विद्रोहियों से आपको घृणा नहीं होती क्या?’’ मैंने उनसे कहा,‘‘यदि आप इस विषय पर कारागृह में चर्चा करना उचित समझते हैं तो मैं करता हूं। परंतु यहां मैं एक दंडित हूं और ये बंदीपाल। यदि चर्चा ही करनी है तो उस समय तक